बाल कविताओं का अनुपम खजाना है पुस्तक ‘लिटिल हार्ट्स’

0
little hearts book review

पुस्तक समीक्षक प्रीति चौधरी जी स्वयं भी एक प्रतिष्ठित कवयित्री, लेखिका और शिक्षिका हैं। समीक्षक प्रीति चौधरी जी की भी स्वयं की कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं है। इसके अलावा प्रीति जी ने कई साझा संकलनों में संपादक की सफल भूमिका निर्वहन कर चुकीं है, और कई साहित्यिक मंचों से जुड़ी हुईं हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपको प्रीति जी द्वारा प्रस्तुत ‘लिटिल हार्ट्स’ की पुस्तक समीक्षा अवश्य पसंद आएगी।

Book Information’s

Title
Little Hearts
Author
Shahana Parveen
Price
₹238.00
Publisher
Publish on
April, 2022
Reviewed by

Book Review

“लिटिल हार्ट्स” नमक पुस्तक में शाहाना परवीन जी ने बाल कविताएँ संकलित की हैं। यह सभी कविताएँ कवियत्री को उच्च कोटि के बाल साहित्यकारों की श्रेणी में खड़ा कर देती है। बाल मनोविज्ञान से भली -भाँति परिचित आदरणीया शाहाना परवीन जी की एक -एक रचना हृदय को स्पर्श करती हुई प्रतीत होती है। कवियत्री ने अपनी यह पुस्तक अपनी बेटियों तमन्ना और अलीशा को समर्पित की है। पुस्तक का प्रारंभ माँ शारदे की वंदना और सुबह की प्रार्थना से होता है। बालकों को पसंद आने वाले सभी विषयों पर लेखिका ने अपनी कलम को बहुत ही उत्कृष्ट ढंग से चलाया है। पुस्तक में विविध विषयों को बड़ी ही सुगमता से शामिल किया गया है। बिस्किट, हवाई जहाज, आलू टमाटर, चूहा, टेडी बीयर, कोयल, भालू ,पतंग, चिड़ियाघर, घोंसला, तितली, फूल, सूरज, चिड़िया, मोर, मकड़ी आदि सभी पर उन्होंने बेहतरीन कविताएँ प्रस्तुत की हैं। किताब में उन्होंने बहुत ही रोचक और मनोरंजक ढंग से ज्ञान की बातें भी बालकों को समझाई हैं। उन्हीं के शब्दों में–

“आओ बच्चों तुम्हें सुनाती हूँ मैं एक कहानी
कविता में भी छुपी हुई है ज्ञान की निशानी।”

बहुत ही आकर्षक और मनभावन तरीके से उन्होंने बालकों के मन को छूने का प्रयास किया है। यह पुस्तक बालकों के लिए एक अनमोल तोहफा है। एक ऐसा उपहार है, जिसे पढ़कर न केवल बच्चों का मनोरंजन होगा, अपितु यह कविताएँ बालकों को अच्छी शिक्षा भी प्रदान करेंगी। उन्हें सही- गलत का भान भी कराएँगी। “निंदिया रानी” नामक कविता लोरी की भाँति लगती है, जिसे गाया भी जा सकता है। इसमें लयात्मकता और गेयता का पुट है।

“निंदिया रानी जल्दी आओ
मुन्ने राजा को सुला जाओ।
आकर तुम नन्हीं बिस्तर पर
अपनी महक फैला जाओ।
निंदिया रानी जल्दी आओ
मुन्ने राजा को सुला जाओ।”

ऐसी ही अनेक कविताओं से सुसज्जित है “लिटिल हार्ट्स” नामक यह सुंदर पुस्तक जो छोटे बच्चों के हृदय को गुदगुदाती हुई प्रतीत होती है ।

“चंदा मामा” नामक कविता में कवियित्री ने बड़े ही रोचक ढंग से चंद्रमा का चित्रात्मक शैली में वर्णन किया है।

“चंदा मामा चंदा मामा
दूर गगन में रहते हो।
जब हो जाती रात काली
चुपके से निकलते हो।”

इसमें अधिकांश रचनाएँ छोटे बालकों के लिए इतनी लाभप्रद हैं कि उन पर “गतिविधि आधारित शिक्षण” भी कराया जा सकता है। यदि इन्हें विद्यालय के पाठ्यक्रम की किताबों में सम्मिलित किया जाए तो, यह न केवल बालकों के लिए रुचिकर होंगी अपितु इससे बालक का ज्ञानवर्धन भी होगा।

“सप्ताह के सात दिन” नामक कविता के माध्यम से बालकों को सातों दिनों के नाम बड़े ही सुगम तरीके से याद कराए जा सकते हैं। वैसे भी छोटे बच्चों को कविता पढ़ना अत्यधिक पसंद होता है, जब वह कविता के माध्यम से “गतिविधि आधारित शिक्षण” प्राप्त करेंगे, तो अधिगम स्थाई हो जाएगा ।

“सप्ताह में होते सात दिन,
सोमवार नंबर एक पर आता।
मंगलवार कहलाता दिन दूसरा,
बुधवार तीसरे नंबर पर आता।
गुरुवार को कहते वीरवार भी,
जो खड़ा चौथे नंबर पर।
शुक्रवार दिन शनि से पहले
झट आता पाँचवें नंबर पर
शनिवार है छठवाँ नंबर
सभी हो जाते खुश
रविवार इतवार होता दिन रवि का,
घर में रहकर सोते सब सुस्त।”

सारी कविताएँ शाहाना जी की अनूठी लेखनी का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

छोटे -छोटे बालकों को कविताएँ अत्यधिक पसंद होती हैं और एकल संकलन में तो मात्र बाल कविताएँ ही हैं, तो यह बालकों के लिए एक अनमोल खजाना है जहाँ वे सुंदर सुंदर कविताएँ और बाल गीत पढ़ सकते हैं और अच्छी बातें सीख सकते हैं। अंत में मैं बस इतना ही कहूँगी —

लिटिल हार्ट्स किताब है,
एक सुंदर सा उपहार।
पढ़कर जिसे झूमता है,
बालकों का यह संसार।।

आओ पढ़ें हम अक्षर-अक्षर,
भर ले खुशियाँ मन में।
ऐसी रोचक किताबें कहाँ ,
मिलती हैं जीवन में।।
व्यक्त करें हम लेखिका का,
हृदय से सदा आभार।
लिटिल हार्ट्स किताब है ,
एक सुंदर सा उपहार।।
पिरो दिए हैं कवियित्री ने
सुंदर-सुंदर मन के भाव।
बाल मनोविज्ञान से परिचित,
ये जानती हैं बाल स्वभाव।।
दिया है इन्होंने बालकों को,
खुशियों का भंडार।
लिटिल हार्ट्स किताब है,
एक सुंदर सा उपहार।।

आप लेखिका शाहाना परवीन जी पुस्तक ‘लिटिल हार्ट्स’ को अपने पसंदीदा ई-कॉमर्स स्टोर से खरीद सकते हैं। पुस्तक पढ़ने के बाद अपना रिव्यू अवश्य दें।

Share Your Thoughts on This Book

Have you read this book? We’d love to hear your thoughts and reading experience. Share your review, tell us what stood out to you, and help fellow readers discover books worth exploring. Your perspective can inspire meaningful conversations and support authors in their literary journey.

Join the conversation and let your voice be heard!

Follow on WhatsApp : Subscribe to our official WhatsApp channel to receive alerts whenever new posts are published on AuthorsWiki. Please note, we only share content on WhatsApp channel that is highly relevant and beneficial to authors, ensuring you stay updated with valuable insights, tips, and resources.   Follow on WhatsApp


Copyright Notice © Re-publishing of this exclusive post, including but not limited to articles, author interviews, book reviews, and exclusive news published on AuthorsWiki.com, in whole or in part, on any social media platform, newspaper, literary magazine, news website, or blog, is strictly prohibited without prior written permission from AuthorsWiki. This content has been created and curated exclusively for AuthorsWiki by our editorial team, or the writer or verified contributors of the article and is protected under applicable copyright laws. To learn more about how this content is protected, please read our full Copyright Policy.

No ratings yet. Be the first to rate!

LEAVE A REPLY

Thanks for choosing to leave a comment. Please note that all comments are moderated according to our Comment Policy, and your email address will not be published. Please use your real name or a relevant display name, and avoid promotional content, spam, hate speech, abusive language, personal attacks, or misleading information. Let’s keep the conversation respectful, constructive, and meaningful.

How would you rate this book? *

☆☆☆☆☆

Select a star to share your rating.

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!