
AuthorsWiki को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए दिल्ली से अश्वनी मिश्रा जी का धन्यवाद करते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि अश्वनी मिश्रा जी का एक काव्य संग्रह ‘ग्रामीण कवि’ पिछले दिनों ही प्राची डिजिटल पब्लिकेशन से प्रकाशित हुआ है। बता दें कि अश्वनी मिश्रा जी कई प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी कविताएं प्रस्तुत कर चुकें हैं। पेशे से कार्पोरेट कंपनी में कार्यरत अश्वनी मिश्रा जी ने AuthorsWiki को साक्षात्कार के दौरान अपने साहित्यिक सफरनामा के अलावा जीवन के कुछ अनुभवों को भी हमारे साथ साझा किया। आशा करते हैं कि पाठकों को अश्वनी मिश्रा जी का साक्षात्कार पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-
AuthorsWiki : नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे मे ज्यादा जान पायेंगे?
Ashwani Mishra : मैं अपने परिचय में बस इतना ही कहना चाहूंगा-
साहित्य के इस समुन्दर का मैं सबसे छोटा जीव हूं …..
बस लगा हूं अपना अस्तित्व खोजने में……
मैं स्वयं ही स्वयं की यहां आप बीती लिख रहा हूं
इस भ्रमित संसार में नित थोड़ा थोड़ा बिक रहा हूं।।
AuthorsWiki : आपकी पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी दे, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?
Ashwani Mishra : जैसा कि आप सब जानते हैं प्रकाशित पुस्तक ‘ग्रामीण कवि’ मेरी पहली पुस्तक है, जिसमे कुछ स्वरचित काव्यात्मक रचनाएं हैं। आशा करता हूं कि यह पुस्तक आप सभी को पसंद आएगी, अगर कुछ त्रुटियां मिले तो निर्देशित करें, ताकि अगली पुस्तक में मैं इन गलतियों का सुधार कर सकूं।
AuthorsWiki : पुस्तक प्रकाशित कराने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?
Ashwani Mishra : यह पुस्तक जितनी मेरी है उतनी ही मेरे मित्रों की है। जिन्होंने इस पुस्तक की पूरी रूप रेखा तैयार की, जिसमें सबसे ज्यादा काम लव जोशी ने किया, सीनियर्स का भी सहयोग रहा राहुल सर, मित् रमंण्डली सोनू नागर, संजीव, आशीष,अमित-आदर्श,अनुज ठाकुर, उपेन्द्र भैया, सुभाष भैया, राधाकांत भैया, शशि दीदी सबने हमेशा सहयोग किया है।
AuthorsWiki : पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें?
Ashwani Mishra : प्रकाशन को लेकर बस इतना कहना चाहूंगा कि सभी का बहुत सहयोग मिला, मैं चाहूंगा आगे के साहित्यिक जीवन में भी सबका यही सहयोग व स्नेह बना रहे।
AuthorsWiki : आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?
Ashwani Mishra : वैसे तो यह मुझे याद नहीं है लेकिन कविताओं का शौक पहले से था। हमारे घर में ताऊ जी के आफिस में छपने वाली पत्रिका ‘खनन भारती’ आती रहती थी। जिसमें मैं कविताएं खोजता था, पाठ्यक्रम में भी बहुत से कवि पढ़ने को मिले। अगर वैसे कहूं तो गोस्वामी तुलसीदास ही पहले कवि होते हैं, जिन्हें हम बचपन से पढ़ते आए हैं ….पहला काव्यखण्ड रामचरित मानस ही होता है सामान्यत:।
साहित्य जगत में आगमन की बात करूं तो पिता जी को दैनिक डायरी लिखने का शौक है। उनकी डायरी उनसे छुपकर मैं मनोरंजन के उद्देश्य से पढ़ता था। इसके अलावा मैं कॉलेज के समय से कविताएं लिख रहा हूं, फिर राधाकांत पांडेय भैया, उपेन्द्र भैया, ब्रजेश द्विवेदी भैया, मनवीर मधुर भैया जैसे बड़े भाई मिल गए और पहले से सुधार होता गया …बस हो गई फिर शुरूआत ….।
AuthorsWiki : अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग, मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?
Ashwani Mishra : वैसे तो बहुत से ऐसे मुक्तक है, जिनमें पाठकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिलती रही है, रही बात दोस्तों की तो सब जानते हैं अच्छी ना भी लगे तो भी मन रखने के लिए वाह वाह तो बोलते ही हैं….।
दो पंक्तियां आपके लिए-
“एक एक कम हो रहे हैं जीवन से बसंत
इसी तरह होता सदा है जीवन का अंत”
बाकि चाहूंगा आप भी पूरी पुस्तक पढ़ें और जो भी आपको पसंद आए या कुछ सुझाव हो तो हमें अवश्य बताएं।
AuthorsWiki : किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?
Ashwani Mishra : लव जोशी, राधाकांत पांडेय और इनके अलावा श्रीमति जी का भी सहयोग रहा, वही मेरी रचनाओं की पहली श्रोता रहीं हैं।
AuthorsWiki : साहित्य जगत से अब तक आपको कितनी उपलब्धियाँ / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं? क्या उनकी जानकारी देना चाहेंगें?
Ashwani Mishra : अभी तक शायद मैंने कुछ ऐसा किया ही नहीं है, जिसके लिए मुझे कुछ सम्मान मिले। हाँ, लेकिन जो हमारे वरिष्ठ साहित्यकार हैं, कवि कुल के हमारे आदरणीय बड़े भाई हैं, उन सबका भरपूर स्नेह हमेशा मिलता है।
AuthorsWiki : आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करतें है?
Ashwani Mishra : मैं हास्य, ओज व श्रृगार में लिखता हूँ।
AuthorsWiki : आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?
Ashwani Mishra : रात के समय में लिखने के लिए एक-दो घंटे निकाल लेता हूँ।
AuthorsWiki : आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते है?
Ashwani Mishra : रोज घटित होने वाली दैनिक घटनाओं से व कुछ महापुरुषों को पढ़कर …।
AuthorsWiki : आपके जीवन में प्राप्त विशेष उपलब्धि या यादगार घटना, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?
Ashwani Mishra : मेरे स्नातक की डिग्री ही बहुत बड़ी उपलब्धि है, मेरे लिए जो कई बार फेल होने के बाद मिली…।
AuthorsWiki : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना पसंद करते हैं?
Ashwani Mishra : वैसे तो मैं अल्हड़ बीकानेरी जी को पढ़ना काफी पसंद करता हूं, साथ में अदम गोंडवी जी और हमारे पूर्व प्रधान मंत्री स्व० अटल बिहारी बाजपेई व आज के दौर की बात करेंगे तो डा० कुमार विश्वास जी, शायद हमारी पीढ़ी की पहली पसंद होंगें। आशुतोष राणा जी, डा० आलोक श्रीवास्तव, डा० शैलेश लोढ़ा, डा० अनिल चौबे जी को सुनता हूं। किताबें पूंछेंगें तो कल्पना कुंज, गोदान, आनंदमठ और मृत्यु मेरी पसंदीदा हैं।
AuthorsWiki : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
Ashwani Mishra : हम सब हिंदी की खाते हैं और हिंदी में खाते हैं तो हमारा दायित्व है कि हम हिन्दी के सेवकों का सम्मान करें और हिन्दी की सेवा में लगे रहें।
AuthorsWiki : साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
Ashwani Mishra : घूमना और पुराने गाने सुनना।
AuthorsWiki : क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
Ashwani Mishra : अभी आने वाली आगामी दो पुस्तकों की रूप रेखा तैयार हो रही है, उसमें एक कहानी संग्रह होगा और एक काब्य संग्रह होगा…।
AuthorsWiki : साहित्य की दुनिया में नये-नये लेखक आ रहे है, उन्हें आप क्या सलाह देगें?
Ashwani Mishra : जितना हो सके सत्य लिखें और देशहित में लिखें, बाकि ऐसा कोई विषय बचा नहीं जो हमसे पहले लिखा नहीं गया, फिर भी प्रयास जारी रखें।
AuthorsWiki : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?
Ashwani Mishra : कोशिश तो यही रहेगी।
AuthorsWiki : यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?
Ashwani Mishra : यह मेरी पहली पुस्तक है आप सब इसे भरपूर प्यार और आशीर्वाद दें, जिससे मैं अगली पुस्तक जल्द आप तक पहुंचा सकूं।
लेखक की पुस्तक को ऐसे प्राप्त करें-
आप अश्वनी मिश्रा जी की पुस्तक ‘ग्रामीण कवि’ को अपने पसंदीदा ऑनलाइन स्टोर अमेजन या फ्लिपकार्ट से मंगा सकते हैं। किताब का लिंक नीचे दिए गए हैं।
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