‘खिड़की ख्यालों की’ काव्य संग्रह की लेखिका हरप्रीत कौर ‘प्रीत’ जी से साक्षात्कार

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पिछले दिनों ही हरप्रीत कौर ‘प्रीत’ जी की पुस्तक ‘खिड़की ख्यालों की’ काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है। हरप्रीत जी को उनके प्रथम प्रकाशन के लिए ढ़ेरों शुभकामनाएं। आप भी जरूर पढ़ें ‘खिड़की ख्यालों की‘ और अमेजन व फ्लिपकार्ट पर Review जरूर दें। AuthorsWiki द्वारा हरप्रीत जी से साक्षात्कार किया गया, जिसमें हमने उनकी किताब, शिक्षक जीवन और साहित्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। हरप्रीत जी ने सभी सवालों के जवाब बहुत सुन्दर दिये है। पेश हैं हरप्रीत कौर जी से साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए-

AuthorsWiki : हरप्रीत जी, नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे मे ज्यादा जान पायेंगे?

हरप्रीत कौर : जी, साक्षात्कार के लिए बहुत बहुत आभार। मेरा जन्म पंजाब के क़स्बे जलालाबाद (प) में हुआ। मैंने अपनी शिक्षा (एमएससी-गणित, बीएड) वहीं पूरी की। विवाहोपरांत मैं दिल्ली एनसीआर में रह रही हूँ और वर्तमान में एक शिक्षिका के तौर पर कार्यरत हूँ।

AuthorsWiki : हरप्रीत जी, किसी भी लेखक या लेखिका के लिए पहली प्रकाशित पुस्तक बहुत ही मायने रखती है और उसके प्रकाशन की खुशी अलग ही होती है, क्या आप उसे शब्दों में बता सकती हैं?

हरप्रीत कौर : जी बिल्कुल, ये एक सपने के सच होने जैसा है।

अनकहा सा अटका है ये एहसास
दिलकश लफ्ज़ों और गहरी
ख़ामोशी के ठीक बीच में
मानो कह रहा  हो
दिन की छैनियाँ और
रात के हथौड़े लेकर
हमनें खुद तराशा है
अपने हिस्से का नया आसमान

AuthorsWiki : आपकी पहली पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी दे, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?

हरप्रीत कौर : यह मेरा पहला एकल काव्य संग्रह है। इससे पहले मेरा एक सांझा संकलन प्रकाशित हो चुका है। मेरे काव्य संग्रह ‘खिड़की ख्यालों की’ में कुल 51 कविताएं है। जिसमें आपको हर रंग देखने को मिलेगा।

खट्टी-मीठी और
कभी तो तीखी बनती है
ज़ज़्बातों की मिश्री जब
ख्यालात में घुलती है,
सच कहती हूँ
मेरी कविता तब ही बनती हैं
इन कविताओं के प्रमुख विषय प्रेम,
नारी विमर्श, सामाजिक सरोकार और जीवन दर्शन है।

'खिड़की ख्यालों की' काव्य संग्रह की लेखिका हरप्रीत कौर 'प्रीत' जी से साक्षात्कार

AuthorsWiki : हरप्रीत जी, पुस्तक प्रकाशित कराने की प्रेरणा आपको कहाँ से मिली?

हरप्रीत कौर : मेरा जन्म एक सिख परिवार में हुआ। जिस कारण गुरबाणी का मेरे जीवन पर विशेष प्रभाव रहा जो के अपने आप में दुनिया का सर्वोत्तम काव्य है, इसलिए गणित की छात्रा होते हुए भी मेरा रुझान साहित्य की तरफ बना रहा। लिखने का शौक मुझे बचपन से ही था। अंतर्मुखी स्वभाव के कारण बस अपनी डायरी में ही लिखती रही। ऐसा करना मुझे नितांत आनंद का अनुभव कराता। फिर धीरे-धीरे कुछ कवि मित्रों की संगत मिली। कुछेक कविताएं पत्र-पत्रिकाओं और ई-मैगज़ीन में प्रकाशित हुई हैं जिन्हें काफी सराहना मिली। बस इन सराहनाओं के कारण पुस्तक प्रकाशन का विचार बना।

AuthorsWiki : पुस्तक ‘खिड़की ख्यालों की’ की प्रकाशन प्रक्रिया के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगी?

हरप्रीत कौर : जीवन भर हम सब कई किताबें पढ़ते है। पर इस किताब से जुड़ कर मैं प्रकाशन प्रक्रिया की बारीकियों को जान पाई। जो मेरे लिए एक मजेदार और यादगार अनुभव रहा।

AuthorsWiki : हरप्रीत जी, आप परिवार और शिक्षा सेवा में कार्यरत रहकर साहित्य सृजन के लिए समय प्रबंधन कैसे करते हैं?

हरप्रीत कौर : जी, मेरा मानना है कि सृजनात्मकता (चाहे यह जिस भी क्षेत्र में हो चित्रकला, संगीत, नृत्य या लेखन) एक ऐसी सहज प्रवृति है जिसके लिए समय निकालना नही पड़ता। ये खुद-ब-खुद प्रस्फुटित हो जाती है। चाहे आप कितने ही व्यस्त क्यों न हों। इसी तरह मुझे भी वक्त अल्फाज़ो की दुनियां में खींच ही ले जाता है। बस इसे तराशने के लिए थोड़ा वक्त जरूर देना पड़ता है।

AuthorsWiki : हर लेखक का अपना कोई  पसन्दीदा लेखक /लेखिका होता है।आपके पसन्दीदा कौन है?

हरप्रीत कौर : जी, मेरे पसन्दीदा लेखक है अमृता प्रीतम, पाश और गुलज़ार साहब।

AuthorsWiki : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

हरप्रीत कौर : जी मेरा मानना है कि लेखन और पाठन दोनो तरीकों से ही हम साहित्य में अपना योगदान दे सकते है। आज की भागदौड़ भरी डिजिटलाइज्ड ज़िन्दगी में कुछ वक्त अच्छे साहित्य के लिए निकलना चाहिए। जहाँ यह हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करता है। वहीं, दूसरी और हमारी भाषा का गौरव भी बना रहता है।

AuthorsWiki : शिक्षण कार्य और साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

हरप्रीत कौर : जी अध्यापन और लेखन के अलावा मुझे कुकिंग पसंद है और खाली समय में, मैं संगीत सुनना और घूमना फिरना पसंद करती हूँ।

AuthorsWiki : अब तक पुस्तक प्रकाशन के दौरान प्रकाशकों का सहयोग या उनके साथ पुस्तक प्रकाशन अनुभव कैसा रहा?

हरप्रीत कौर : किसी प्रकाशक के साथ काम करने का यह मेरा पहला अनुभव रहा। जो संदेह और हिचकिचाहट शुरू में मन में था वह दूर हो गया। प्राची डिजिटल पब्लिकेशन के प्रकाशक बहुत ही विनम्र स्वभाव और सहयोगी व्यक्तित्व के मालिक है। जिनके मार्गदर्शन के लिए मैं उनकी आभारी हूँ।

AuthorsWiki : आप की भविष्य की क्या योजना है? लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?

हरप्रीत कौर : जीवन एक बहता झरना है। जो किसी की योजनाओं के हिसाब से नही चलता। वैसे मेरी कोशिश रहेगी कि एक ग़ज़ल संग्रह भी लाऊँ क्योंकि ग़ज़लों से मुझे बचपन से ही प्यार है।

AuthorsWiki : हरप्रीत जी, यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगी?

हरप्रीत कौर : आज के दौर में मानसिक तनाव बहुत बढ़ा है। साहित्य में एक असीम शक्ति होती है जो तपता मन शीतल कर जाती है, इसलिए कुछ समय अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए जरूर निकालें और हाँ, कविता के शौकीन मेरी किताब जरूर पढ़ें। उम्मीद है यह आपको पसंद आएगी।अपने कीमती सुझाव मुझे जरूर दे उसके लिए आप मुझे harpreetkaurdung@gmail.com पर मेल कर सकते है।

About the author Book

'खिड़की ख्यालों की' काव्य संग्रह की लेखिका हरप्रीत कौर 'प्रीत' जी से साक्षात्कार

जीवन में कई रंग है। हर रंग की अपनी कविता है। कभी यह गहरे ज़ख्मो की टीस से उपजती है, कभी प्रेम तरंगों की छुअन से, कभी आक्रोश से पैदा होती तो कभी कल्पना की गुदगुदी से उपजती है। खट्टी, मीठी और कभी तो तीखी बनती है “ज़ज़्बातों की मिश्री जब ख्यालात में घुलती है, सच कहती हूँ मेरी कविता तब ही बनती है।”

शब्दो मे एक असीम शक्ति औऱ जादू होता है। कुछ शब्द दुखी हृदय को शांत कर सकते है, मन मे ममता, वैराग्य, स्नेह औऱ जोश भर सकते है। वाणी में वो ताकत है जो आपकी मनोस्थिति औऱ कई बार तो पूरा व्यक्तित्व ही बदल कर रख देती है। निर्भर इस बात पर करता है कि आप उन्हें कितनी गहराई से पढ़ते है। जब कोई पूरे मन से लिखे औऱ पाठक भी उतनी ही एकाग्रता औऱ तल्लीनता से पढ़े तो लेखक और पाठक भाव के धरातल एक हो जाता है। दोनों एक ही भाव से गुजर कर एक ही अनुभूति में समा जाते है। इसलिए ‘खिड़की ख्यालों की ‘में संग्रहित कविताओं को मैं सुधि श्रोताओं को ही इस आशा और विश्वास के साथ सौंप रही हूँ कि इनमे उन्हें अपनी भावनाएं और अनुभूतियाँ ही मिलेगी।

-हरप्रीत कौर ‘प्रीत’ (लेखिका एवं कवयित्री)

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