
AuthorsWiki को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए डॉ. विशाल श्रीवास्तव जी का धन्यवाद करते हैं। पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि डॉ. विशाल श्रीवास्तव जी का एक काव्य संग्रह ‘शहद के खारे आँसू’ पिछले दिनों ही Taneesha Publishers से प्रकाशित हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत डॉ. विशाल श्रीवास्तव जी ने AuthorsWiki को साक्षात्कार के दौरान साहित्यिक सफर एवं अनुभवों को भी हमारे साथ साझा किया। आशा करते हैं कि पाठकों को डॉ. विशाल श्रीवास्तव जी का साक्षात्कार पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-

AuthorsWiki: नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे में ज्यादा जान पायेंगे?
Dr. Vishal Shrivastava : नमस्ते, मैं डॉ. विशाल श्रीवास्तव हूँ, जिन्हें ‘कवि नादान’ के नाम से भी जाना जाता है। मैं इटावा, भारत में जन्मा और वर्तमान में बेंगलोर में प्रबंधन के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हूँ। मेरा परिवार सामान्य है और मैं स्वयं भी एक सामान्य व्यक्ति हूँ। मेरी कविताएं सामाजिक मुद्दों और मानवीय संबंधों पर आधारित हैं और मैंने अपने शिक्षा क्षेत्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट प्राप्त किया है। मेरी कविताओं में अलंकारों का प्रयोग, गीत, गज़ल, करुणामयता, जीवन के मुद्दे, और मानव मूल्यों पर ध्यान दिया जाता है। मेरे काव्य में कवि निराला, गोपालदास नीरज, जयशंकर प्रसाद, और महादेवी वर्मा जैसे प्रमुख कवियों का प्रभाव दिखता है। मैं अपने काव्य के माध्यम से लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और समाज को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूँ।
AuthorsWiki: आपकी एक पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी देना चाहेंगें, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?
Dr. Vishal Shrivastava : ज़रूर। मेरी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक का नाम ‘शहद के खारे आँसू’ है। यह एक कविता संग्रह है जिसमें कुल 51 कविताएँ शामिल हैं। इस किताब में मैंने अपनी भावनाओं और अनुभवों को कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया है, और यह बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी वर्गों के पाठकों के लिए होगी। इसमें समाजिक मुद्दों, प्रेम, जीवन के संघर्षों और मानवीय भावनाओं का सामाजिक और भावनात्मक परिपेक्ष्य दिखाया गया है।
AuthorsWiki: पुस्तक प्रकाशित कराने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?
Dr. Vishal Shrivastava : मैं बचपन से ही कविताएँ लिखता हूँ। लेकिन, मुझे कभी भी अपनी कविताओं को प्रकाशित करने का विचार नहीं आया। 2022 में, एक दिन मेरे साहित्यिक मित्र रेणु अग्रवाल ‘रेणु’ ने मुझे अपनी कविताओं का एक संग्रह प्रकाशित करने के लिए प्रेरित किया। उसने मुझे बताया कि मेरी कविताएँ बहुत अच्छी हैं और उन्हें प्रकाशित किया जाना चाहिए। मेरे चार प्रेरणास्त्रोत हैं – सामाजिक मुद्दे, प्रेम, प्रकृति, और मानवीय संबंध। मैं देखता हूँ कि इन विषयों पर कविताएं लिखकर हम समाज में जागरूकता बढ़ा सकते हैं और लोगों के दिलों को छू सकते हैं। इसलिए, मैंने यह निर्णय लिया कि अपनी कविताओं को प्रकाशित करके अपना संदेश और अनुभव साझा करूँ।
AuthorsWiki: पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें?
Dr. Vishal Shrivastava : सबसे पहले, मैं यह कहूँगा कि रचना का चयन करते समय मैं उन विषयों को चुनता हूँ जो मुझे बेहद महत्वपूर्ण लगते हैं और जिनके बारे में मैं बात करना चाहता हूँ। फिर, रचनाओं को लिखने के बाद, मैं उन्हें ध्यानपूर्वक संपादित करता हूँ। प्रकाशन प्रक्रिया में सहयोगी किताबकार बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, और उनकी मदद से किताब पाठकों तक पहुँचती है। पुस्तक के लिए रचनाओं का चयन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। मुझे अपनी कविताओं में से सर्वश्रेष्ठ रचनाओं को चुनना था। मैंने अपने दोस्तों, परिवार, और अन्य लेखकों से सलाह ली। अंततः, मैंने 51 कविताओं का एक संग्रह तैयार किया।
प्रकाशन प्रक्रिया भी एक जटिल प्रक्रिया थी। मुझे कई प्रकाशन संस्थानों से संपर्क करना पड़ा। अंततः, मैंने तनीशा पब्लिशर्स संस्थान के साथ अनुबंध किया। प्रकाशक ने मेरी कविताओं को संपादित किया और उन्हें एक आकर्षक रूप दिया।
AuthorsWiki: आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?
Dr. Vishal Shrivastava : मेरी पहली सृजित रचना का नाम इस तरह बताना तो बहुत मुश्किल है। मेरी काव्य यात्रा की शुरुआत शायद 9 या 10 वर्ष की आयु से हुई। बचपन से ही कवि निराला, गोपालदास नीरज, जयशंकर प्रसाद, और महादेवी वर्मा जैसे कवियों की कृतियों ने मुझे बहुत प्रभावित किया, यही मेरे लेखन की शुरुआत थी, और मैंने इसे अपने काव्य-प्रेम से लिखा था। इसी उम्र में मैंने काव्य के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त किया और साहित्य में प्रवेश करने का प्रयास किया। यही मेरी साहित्यिक यात्रा का पहला कदम था ।
AuthorsWiki: अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग, मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?
Dr. Vishal Shrivastava : मेरे कई अप्रकाशित एवं प्रकाशित कविताओं, जैसे- आँसू, घायल, मदारी, बातें पुरानी, एवम अन्य को पाठकों, मित्रमंडली, और पारिवारिक सदस्यों से सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया मिली है। इन रचनाओं से मैंने मानवीय भावनाओं को गहराई से छूने का प्रयास किया है, और यह उन लोगों के दिलों को छूने में सफल रही है जिन्होंने इसे पढ़ा है।
AuthorsWiki: किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?
Dr. Vishal Shrivastava : मेरे परिवार में मेरे पिता, मेरी पत्नी और मेरे मित्र सबसे बड़े समर्थक हैं। वे हमेशा मेरी कविताओं की सराहना करते हैं और मुझे प्रेरित करते हैं। मेरे साहित्य सृजन के दौरान मेरे परिवार और मित्रों ने सबसे महत्वपूर्ण सहयोग किया है। उन्होंने मेरे विचारों को साझा करने में मदद की, मेरे लेखन को प्रोत्साहित किया, और प्रकाशन प्रक्रिया में साथी बने। उनका सहयोग मेरे साहित्यिक सफलता के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है। मेरे मित्र और परिवार के अलावा, मैं अन्य लेखकों और कवियों से भी प्रेरणा लेता हूँ।
AuthorsWiki: साहित्य जगत से अब तक आपको कितनी उपलब्धियाँ / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं? क्या उनकी जानकारी देना चाहेंगें?
Dr. Vishal Shrivastava : मैंने कुछ साहित्यिक सम्मान प्राप्त किए हैं, एवं मेरी कविताओं को प्रमुख पत्र एवं पत्रिकाओं में भी समय समय पर स्थान मिलता रहा है, जो मेरे लेखन के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं। ये सम्मान मेरे लिए गर्व की बात है।
AuthorsWiki : आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करतें है? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?
Dr. Vishal Shrivastava : मैं हिन्दी कविता और काव्य लेखन में अपना मास्टरी रखता हूँ। हिन्दी मेरी मातृभाषा है और मैं इसमें अपने विचारों को सबसे बेहतरीन ढंग से व्यक्त कर सकता हूँ। हालांकि, कविता और काव्य लेखन कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह मेरे लिए प्रिय और सुखद विद्या है।
AuthorsWiki: आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?
Dr. Vishal Shrivastava : समय का प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर जब आपके पास अन्य प्रतिबद्धियाँ भी होती हैं। मैं एक समयवद्ध निर्धारित कवि नहीं हूँ, पर हाँ जब मैं कविता और काव्य लिखता हूँ, तो मैं उस समय को पूरी तरह से लेखन को समर्पित करता हूँ। इसके अलावा, मैं अपने दिन के अन्य कार्यों को भी संचित रूप से करने का प्रयास करता हूँ ताकि मुझे लेखन के लिए अधिक समय मिल सके।
AuthorsWiki: आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते हैं?
Dr. Vishal Shrivastava : मेरी प्रेरणा मुख्य रूप से जीवन के अनुभवों, सामाजिक मुद्दों, और मानवीय संबंधों से आती है। मैं अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा अपने जीवन के अनुभवों से, समाज में हो रही घटनाओं से, और प्रकृति से प्राप्त करता हूँ। मैं हमेशा अपने आस-पास की चीजों को देखता और सुनता हूँ और उनसे प्रेरणा लेता हूँ।
AuthorsWiki: आपके जीवन में प्राप्त विशेष उपलब्धि या यादगार घटना, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?
Dr. Vishal Shrivastava : मेरे जीवन में एक विशेष उपलब्धि यह है कि मैं एक कवि और लेखक बन पाया हूँ। यह मेरे लिए एक बहुत बड़ा सपना था और मैं इसे पूरा करने में सक्षम हुआ। यूं तो मेरे जीवन में अनेक अविस्मरणीय क्षण हैं, जिन्हें मैं अपनी कविता के माध्यम से संकलित कर लेता हूँ।
AuthorsWiki: हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना पसंद करते हैं?
Dr. Vishal Shrivastava : मेरे आदर्श लेखक, मुंशी प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, दिनकर, निराला, गोपालदास नीरज, और जयशंकर प्रसाद हैं। ये सभी महान कवि हैं और उनकी कविताओं से मैं बहुत कुछ सीखता हूँ। मेरी पसंदीदा किताबों में आध्यात्मिक ग्रंथ जैसे ‘रामचरितमानस’, ‘महाभारत’, और ‘गीता’ भी शामिल हैं।
AuthorsWiki: हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
Dr. Vishal Shrivastava : मैं हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मैं हमेशा नई कविताओं और कहानियों लिखने की कोशिश करता हूँ ताकि मैं इस भाषा को समृद्ध कर सकूं। मैं यह भी सुनिश्चित करता हूँ कि मैं अपनी कविताओं और कहानियों में सामाजिक मुद्दों को उठाऊँ ताकि मैं लोगों को जागरूक कर सकूं।
AuthorsWiki: साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
Dr. Vishal Shrivastava : मैं खाली समय में संगीत सुनना, नयी नयी जानकारी एकत्रित करना, पेंटिंग बनाना आदि पसंद करता हूँ। मैं भी नई चीजें सीखने में रुचि रखता हूँ और मैं हमेशा नई किताबें पढ़ता हूँ।
AuthorsWiki: क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
Dr. Vishal Shrivastava : ‘ हाँ, मैं भविष्य में और भी काव्य-संग्रह प्रकाशित करने की योजना बना रहा हूँ। ‘अल्हड़ की प्रीत’, ‘हँसते-जख्म’ मेरे आने वाले काव्य-संग्रह है। इसी के साथ में महाभारत के पात्रों पर महावेद नामक काव्य-पुस्तक पर भी कार्य कर रहा हूँ।
AuthorsWiki: आपके लिए साहित्य का क्या महत्व है, और आप अपने पाठकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
Dr. Vishal Shrivastava : साहित्य मेरे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह मेरे अंतरात्मा के साथ एक गहरा संबंध रखता है। साहित्य के माध्यम से, मैं अपने विचारों, भावनाओं, और अनुभवों को व्यक्त करता हूँ और दुनिया के साथ एक सांवादिक संबंध बनाता हूँ। मेरे पाठकों को मैं यह संदेश देना चाहता हूँ कि साहित्य का महत्व उनके जीवन में भी होता है, और यह उनके विचारों और दृष्टिकोण को विकसित करने का एक माध्यम हो सकता है। साहित्य के माध्यम से, हम अपने अंतर्मन के साथ जुड़ सकते हैं, समाज में सवाल उठा सकते हैं, और विचारों को आगे बढ़ा सकते हैं।
AuthorsWiki: धन्यवाद, डॉ. विशाल श्रीवास्तव जी, आपके साथ यह साक्षात्कार करने का हमें अवसर मिला। आपकी किताब ‘शहद के खारे आँसू’ का पाठन करने की सलाह दी जाती है। आपके भविष्य के प्रकल्पों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हम आपके साथ जुड़े रहेंगें।
Dr. Vishal Shrivastava : धन्यवाद, AuthorsWiki, इस साक्षात्कार का आयोजन करने के लिए। मुझे खुशी हुई कि मैंने आपके साथ अपने लेखन और किताब के बारे में चर्चा की। मुझे आशा है कि मेरी किताब पाठकों के दिलों को छू सकेगी और वे इसका आनंद लेंगे। धन्यवाद और शुभकामनाएँ!
लेखक की पुस्तक खरीदें-
आप डॉ. विशाल श्रीवास्तव जी की पुस्तक ‘शहद के खारे आंसू’ को अपने पसंदीदा ऑनलाइन स्टोर अमेजन या फ्लिपकार्ट से मंगा सकते हैं। किताब को खरीदने के लिए लिंक नीचे दिए गए हैं।
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