
नन्हें-मुन्नों के लिए सृजित साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के सभी सम्मानित लेखकों से एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार AuthorsWiki द्वारा किया गया है। बता दें कि ‘बाल काव्य’ साझा काव्य संग्रह का संपादन खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’, अर्चना पांडेय ‘अर्चि’, निकिता सेन’दीप’ और डॉ. मीना कुमारी सोलंकी ‘मीन’ जी द्वारा किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा रचनाओं का स्तरीय चयन और संपादन कार्य बहुत ही शानदार है, जिसके लिए AuthorsWiki की ओर से पुन: ढ़ेरों शुभकामनाएँ। इस बार हम आपके लिए काव्य संग्रह के संपादिका अर्चना पांडेय ‘अर्चि’ जी का साक्षात्कार आपके लिए प्रस्तुत कर रहें है।
AuthorsWiki : अर्चना जी, यदि आप अपने शब्दों में अपना परिचय सम्मानित पाठकों को दे, तो पाठकों बहुत अच्छा लगेगा?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’ : मेरा परिचय ज्यादा बड़ा नहीं है। मेरा नाम अर्चना पांडेय है और साहित्यिक उपनाम अर्चि है। मैं असम के तिनसुकिया जिले हूँ। वर्तमान में शिक्षा के कार्यरत रहकर शिक्षा की अलख जगाने का कार्य कर रहीं हूँ।
AuthorsWiki : हाल ही में आपका साझा बाल काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है, इसमें शामिल होने के पीछे क्या कारण रहा?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: हिंदुस्तान के बच्चों में आत्मबल और साहस भरने हेतु।
AuthorsWiki : साहित्यिक सेवा के लिए आपको अब तक कितने सम्मान प्राप्त हुए हैं? क्या आप उनके बारे मे कोई जानकारी देना चाहेंगे?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: अब तक बहुत सारे पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख कुंज प्रसुन्न, साहित्य ज्योति, साहित्य सरोवर आदि है।
AuthorsWiki : आपकी पहली पुस्तक के बारे में बताएं? और कब प्रकाशित हुई थी?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’ : मेरी पहली पुस्तक साहित्य सरोवर है जो एक साझा संकलन है।
AuthorsWiki : आप कब से लेखन कर रहीं हैं?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: बचपन से ही लिखने में रूचि रही है।
AuthorsWiki : पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान अनुभव कैसा रहा?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान मैं बहुत उत्साहित थी, लेकिन मेरा सपना था किसी किताब का संपादन करना और सम्पादक बनना, जो पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान ही पूरा हुआ।
AuthorsWiki : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: मुझे अतुकांत कविता और कहानी से ज्यादा लगाव है।
AuthorsWiki : आप अपनी रचनाओं के लिए कहां से प्रेरणा प्राप्त करते हैं?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: जयशंकर प्रसाद से।
AuthorsWiki : आपके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धि, जिसे आप हमारे और अपने पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहेंगे?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: मेरी कविताओं का पुस्तक के रूप में प्रकाशित होना। यह मेरे लिए बहुत ही खास पल था।
AuthorsWiki : आपका सबसे प्रिय उत्तर / लेखिका और उनकी रचनाएँ / किताब?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: जयशंकर प्रसाद।
AuthorsWiki : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: हिंदी हमारी मातृ भाषा है इसकी उत्थान में ही देश का उत्थान निहित है, इसलिए पाठकों को हिन्दी के साहित्यकारों का ज्यादा महत्व देना चाहिए।
AuthorsWiki : वर्तमान व्यवसाय और लेखन के अलावा आपके अन्य रुचियां क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: सिर्फ लेखन।
AuthorsWiki : अब तक प्रकाशकों के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: अच्छा रहा।
AuthorsWiki : अपने पाठकों और प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: सकारात्मक साहित्य का निर्माण करें।
AuthorsWiki : नवोदित लेखकों को क्या सलाह देना चाहेगें?
अर्चना पांडेय ‘अर्चि’: नये लेखक मौलिक लिखे और अच्छा लिखें।
About the ‘Bal Kavya – Poetry Collection’
‘बाल कविता’ यानी बच्चों के लिए लिखी गयी कविता, जिसमें बच्चों की शिक्षा, जिज्ञासा, संस्कार एवं मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर रचना की गई हो। वह चाहे माँ की लोरियों के रूप में हो, या पिता की नसीहतों के रूप में, या बच्चों के आपस के खेल-खेल में हो। इसमें भले ही निरर्थक शब्दों की ध्वनियाँ होती हैं, पर बड़ी आकर्षक होती हैं। ऐसी ही कविताओं को इस साझा संग्रह में शामिल किया गया है, जो नन्हें बच्चों को बहुत पसंद आयेगी।
Follow on WhatsApp : Subscribe to our official WhatsApp channel to receive alerts whenever new posts are published on AuthorsWiki. Please note, we only share content on WhatsApp channel that is highly relevant and beneficial to authors, ensuring you stay updated with valuable insights, tips, and resources. Follow on WhatsApp
Copyright Notice © Re-publishing of this exclusive post, including but not limited to articles, author interviews, book reviews, and exclusive news published on AuthorsWiki.com, in whole or in part, on any social media platform, newspaper, literary magazine, news website, or blog, is strictly prohibited without prior written permission from AuthorsWiki. This content has been created and curated exclusively for AuthorsWiki by our editorial team, or the writer or verified contributors of the article and is protected under applicable copyright laws. To learn more about how this content is protected, please read our full Copyright Policy.















