साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ की लेखिका नाम शकुंतला मुखर्जी (पावनी) जी से साक्षात्कार

0

नन्हें-मुन्नों के लिए सृजित साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के सभी सम्मानित लेखकों से एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार AuthorsWiki द्वारा किया गया है। बता दें कि ‘बाल काव्य’ साझा काव्य संग्रह का संपादन खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’, अर्चना पांडेय ‘अर्चि’, निकिता सेन’दीप’ और डॉ. मीना कुमारी सोलंकी ‘मीन’ जी द्वारा किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा रचनाओं का स्तरीय चयन और संपादन कार्य बहुत ही शानदार है, जिसके लिए AuthorsWiki की ओर से पुन: ढ़ेरों शुभकामनाएँ। इसी सीरीज़ में हम आपके लिए काव्य संग्रह की एक लेखिका नाम शकुंतला मुखर्जी (पावनी) जी का साक्षात्कार आपके लिए प्रस्तुत कर रहें है।

AuthorsWiki : शकुन्तला जी, यदि आप अपने शब्दों में अपना परिचय सम्मानित पाठकों को दे, तो पाठकों बहुत अच्छा लगेगा?
शकुंतला मुखर्जी : जी। मेरा नाम शकुंतला मुखर्जी (पावनी) है। मै चंडीगढ़ की निवासी हूं। कविताएं लिखने का शौक था बचपन से ही। वैसे मैंने विज्ञान में शिक्षा ली है पर साहित्य में रुचि होने के कारण मैंने हिंदी भाषा में भी एम. ए. पास किया है। संप्रति मैं डी. ए. वी. सूरजपुर में बतौर विज्ञान की शिक्षिका हूं। मुझे हाल ही में हरियाणा सरकार की ओर से सर्व श्रेष्ठ शिक्षिका का सम्मान प्राप्त हो चुका है। मुझे हाल ही में राजधानी में राष्ट्रीय कवयित्री होने का सम्मान भी मिला है।

AuthorsWiki : शकुन्तला जी, सर्वेश्रेष्ठ शिक्षिका सम्मान के लिए हमारी ओर से आपको ढ़ेर सारी शुभकामनाएं। पिछलें दिनों आपका साझा बाल काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है, इसमें शामिल होने के पीछे क्या कारण रहा?
शकुंतला मुखर्जी : मुझे बच्चों के बीच रहना बहुत अच्छा लगता है या यह मान सकते हैं कि मुझे बच्चों से बहुत प्यार हैं। बाल कविताएं मुझे मेरे बचपन में ले जाती हैं।

AuthorsWiki : साहित्यिक सेवा के लिए आपको अब तक कितने सम्मान प्राप्त हुए हैं? क्या आप उनके बारे मे कोई जानकारी देना चाहेंगे?
शकुंतला मुखर्जी : साहित्यिक सेवा के लिए मुझे अब तक 50 से ज़्यादा सम्मान प्राप्त हो चुके है। हाल ही में मुझे राष्ट्रीय कवि के तौर पर सम्मानित किया गया है। इसके अलावा मुझे दिल्ली साहित्य रत्न सम्मान, साहित्य प्रहरी सम्मान, भगत सिंह काव्य लेखन सम्मान, शाश्वत श्रृंगारिक सम्मान, त्रिलोचन सम्मान, विशिष्ठ रचना सम्मान, भगतसिंह काव्य सम्मान आदि जैसे कई सम्मानों से सम्मानित किया गया है।

AuthorsWiki : आपकी पहली पुस्तक के बारे में बताएं? और कब प्रकाशित हुई थी?
शकुंतला मुखर्जी : मेरी पहली पुस्तक का नाम मेरे बाबा मेरा अभिमान है। जिसमें मैंने अपने पिताजी द्वारा बनाए पेंटिंग्स के ऊपर कविताएं लिखी हैं। यहां मै थोड़ा बताना चाहूंगी कि मेरे पिताजी श्री सुनिर्मल चैटर्जी इस नॉर्थ है ज़ोन के बहुत बड़े आर्टिस्ट थे। मेरी पुस्तक 2019 में प्रकाशित हुई।

AuthorsWiki : आप कब से लेखन कर रहें हैं और पुस्तक प्रकाशित करने का विचार कैसे बना?
शकुंतला मुखर्जी: वैसे तो मुझे लिखते हुए काफी समय हो गया है, पर पुस्तक प्रकाशन करने का श्रेय मै अपने परिवार को देती हूं।

AuthorsWiki : पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान अनुभव कैसा रहा?
शकुंतला मुखर्जी : बहुत बढ़िया। मुझे अपने आप में आत्मबल कुछ बढ़ता हुआ नजर आया।

AuthorsWiki : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?
शकुंतला मुखर्जी : वैसे तो मै हर विधा पर ही लिखती हूं। पर कविता मेरी पसंदीदा विधा है।

AuthorsWiki : आप अपनी रचनाओं के लिए कहां से प्रेरणा प्राप्त करती हैं?
शकुंतला मुखर्जी : जैसा मेंने पहले कहा कि मेरा परिवार मेरा प्रेरणा स्त्रोत है। और अपने जीवन से भी मै बहुत प्रेरणा लेती हूं।

AuthorsWiki : आपके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धि, जिसे आप हमारे और अपने पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहेंगे?
शकुंतला मुखर्जी : मेरे जन्म के 10 साल बाद मेरे भाई का जन्म। जिसे मैंने ईश्वर से मांग-मांग कर लिया है।

AuthorsWiki : आपका सबसे प्रिय उत्तर / लेखिका और उनकी रचनाएँ / किताब?
शकुंतला मुखर्जी : मेरी प्रिय लेखिका है अमृता प्रीतम।

AuthorsWiki : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
शकुंतला मुखर्जी : हिंदी हमारी अपनी भाषा है। हमारा धरोहर है। हिंदी बोलने में गर्व महसूस कीजिए।

AuthorsWiki : वर्तमान व्यवसाय और लेखन के अलावा आपके अन्य शौक क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
शकुंतला मुखर्जी : जी हां। मै क्राफ्ट का काम करना बहुत पसंद करती हूं।

AuthorsWiki : अब तक प्रकाशकों के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?
शकुंतला मुखर्जी : बहुत ही अच्छा।

AuthorsWiki : अपने पाठकों और प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
शकुंतला मुखर्जी : मै उन सबकी तहे दिल से धन्यवाद करती हूं। आभार प्रकट करती हूं। जिनके बिना मैं अस्तित्वहीन हूं।

AuthorsWiki : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
शकुंतला मुखर्जी : विचार तो कर रही हूं। अगली पुस्तक जीवन के विभिन्न उतार चड़ाव पर लिखना चाहूंगी।

AuthorsWiki : नवोदित लेखकों को क्या सलाह देना चाहेगें?
शकुंतला मुखर्जी : अपने मन से खुश होकर लिखते रहो। देखना कलम खुद ब खुद तुम्हारी ज़ुबां बनती जाएगी।

AuthorsWiki : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?
शकुंतला मुखर्जी : जी, बिल्कुल।

About the ‘Bal Kavya – Poetry Collection’

साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ की लेखिका नाम शकुंतला मुखर्जी (पावनी) जी से साक्षात्कार‘बाल कविता’ यानी बच्चों के लिए लिखी गयी कविता, जिसमें बच्चों की शिक्षा, जिज्ञासा, संस्कार एवं मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर रचना की गई हो। वह चाहे माँ की लोरियों के रूप में हो, या पिता की नसीहतों के रूप में, या बच्चों के आपस के खेल-खेल में हो। इसमें भले ही निरर्थक शब्दों की ध्वनियाँ होती हैं, पर बड़ी आकर्षक होती हैं। ऐसी ही कविताओं को इस साझा संग्रह में शामिल किया गया है, जो नन्हें बच्चों को बहुत पसंद आयेगी।

साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ की लेखिका नाम शकुंतला मुखर्जी (पावनी) जी से साक्षात्कार

Follow on WhatsApp : Subscribe to our official WhatsApp channel to receive alerts whenever new posts are published on AuthorsWiki. Please note, we only share content on WhatsApp channel that is highly relevant and beneficial to authors, ensuring you stay updated with valuable insights, tips, and resources.   Follow on WhatsApp


Copyright Notice © Re-publishing of this exclusive post, including but not limited to articles, author interviews, book reviews, and exclusive news published on AuthorsWiki.com, in whole or in part, on any social media platform, newspaper, literary magazine, news website, or blog, is strictly prohibited without prior written permission from AuthorsWiki. This content has been created and curated exclusively for AuthorsWiki by our editorial team, or the writer or verified contributors of the article and is protected under applicable copyright laws. To learn more about how this content is protected, please read our full Copyright Policy.

LEAVE A REPLY

Thanks for choosing to leave a comment. Please keep in mind that all comments are moderated according to our comment policy, and your email address will not be published. Please do not use keywords in the name field. Let us have a meaningful conversation.

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!