काव्य संग्रह ‘जीना इसी का नाम है’ की लेखिका रितु शर्मा ‘पाठक’ से एक मुलाकात

0
Interview with Ritu Sharma

AuthorsWiki को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए रितु शर्मा ‘पाठक’ का धन्यवाद करते हैं। पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि लेखक की एक पुस्तक ‘जीना इसी का नाम है’ पिछले दिनों प्रकाशित हुई है। लेखक ने साक्षात्कार के दौरान साहित्यिक सफर एवं अनुभवों को भी हमारे साथ साझा किया। आशा करते हैं कि पाठकों को लेखक के साथ यह एक्सक्लूसिव साक्षात्कार अवश्य पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-

AuthorsWiki : आपको पहली बार कब एहसास हुआ कि आप लेखक बनना चाहते हैं?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : बहुत सालों पहले ही मैं कुछ पंक्तियां लेती रहती थी लेकिन अब मैं उसका रिकॉर्ड बनाकर नहीं रखती थी। कुशल हवा सोशल मीडिया पर देखकर मुझे लगा कि मैं अपनी कुछ रचना को संग्रहित करके रखूँ।

AuthorsWiki : आपकी एक पुस्तक पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी देना चाहेंगें, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : जी, पिछली बार मेरी और कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है बल्कि मेरी पुस्तक जीना इसी का नाम है जो साझा काव्य संग्रह है प्रकाशित हुआ है।

AuthorsWiki : पुस्तक प्रकाशित कराने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : पुस्तक पढ़ने का तो मुझे शुरू से ही शौक रहा है और मैं कई बार लिखती रहती थी भजन आदि भी लिखती थी, लेकिन उनको मैं संभाल कर नहीं सकती थी। फिर सोशल मीडिया पर आने के बाद में कुछ लोगों के संपर्क में आई तो मुझे लगा कि पुस्तक प्रकाशित करानी चाहिए।

AuthorsWiki : पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : अनुभव तो पूरा साझा करेंगे तो बहुत वक्त लगेगा और उत्तर है लंबा होगा लेकिन मैं जो समाज से जुड़े उनके कारण प्रकृति प्रेम और देश प्रेम होने के कारण मैं इसी तरह की रचनाओं का चयन किया और फिर सभी रचनाओं को जो चयनित किया वह संपादिका पूनम पाठक बदायूं के द्वारा भी चयनित किया गया। लगभग सभी जो रचनाएं मैंने चयनित करके दीं।वे सभी रचनाएं लगभग संपादक द्वारा भी चयनित की गयीं।

AuthorsWiki : आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : मेरी पहली रचना तो खैर मुझे याद भी नहीं क्योंकि कई सालों तक मैं कभी-कभी लिख लेती थी और वह मैं उसको संभाल कर नहीं रखती थी लेकिन कुछ समय से मैंने अपनी रचनाओं का संभाल कर रखा और फिर उन्हें प्रकाशित करना आने का प्रयास किया। वैसे लेखन चित्र से तो मेरे बुजुर्ग भी जुड़े रहे और भी बहुत सारी पुस्तकों का प्रकाशन कराते थे लेकिन भी धार्मिक होती थीं।

AuthorsWiki : अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग, मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : एक ही रचना के बारे में तो कहना कठिन होगा, लेकिन मेरी लगभग सभी रचनाएं सभी को पसंद आईं। मेरे संबंधी आसपास के लोग और रिश्तेदार लगभग सभी ने रचनाओं को पढ़ा है और लेखकगण भी मेरी रचनाओं को पसंद करते हैं।

AuthorsWiki : किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : हां, मैं अपनी रचनाओं को पहले लिखती थी लेकिन पन्नों को इधर-उधर डाल दिया करती थी। या संभलकर नहीं रखती थी, लेकिन मुझे मेरी बेटी ने प्रोत्साहित किया कि अपनी रचनाओं को संभाल कर रखो। मेरी बहनों ने भी प्रोत्साहित किया तो मैंने कुछ रचनाओं को संभाल कर रखना शुरू किया।

AuthorsWiki : साहित्य जगत से अब तक आपको कितनी उपलब्धियाँ / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं? क्या उनकी जानकारी देना चाहेंगें?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : लोगों के प्यार को ही मैं समान समझती हूँ, लेकिन वैसे कई संस्थानों से मुझे सम्मान पत्र मिल चुके हैं।

AuthorsWiki : आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करतें है? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : मुझे आलेख लिखने का भी शौक है लेकिन आलेख मैं लिखती नहीं हूँ। उस पर चर्चा करती रहती हूँ और मैं अधिकतर कविता ही लिखती हूँ।

AuthorsWiki : आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : आजकल आधुनिक जीवन शैली है तो किसी न किसी तरह से कुछ समय निकाल ही लिया जाता है और मैं अधिक लेखन नहीं करती।

AuthorsWiki : आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते है?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : मैं अपने लेखन के लिए प्रेरणा महापुरुषों से प्राप्त करती हूँ उनकी जीवनियों को पढ़ाती हूँ। कभी और महाकवियों की रचनाएं भी पढ़ती रहती हूँ।

AuthorsWiki : आपके जीवन में प्राप्त विशेष उपलब्धि या यादगार घटना, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : मेरे जीवन की यादगार घटना जो की वरिष्ठ नागरिक दिवस पर भी मैं इसको याद कर सकती हूँ कि मेरा तीन जगह से जॉब के लिए कॉल लेटर आया, लेकिन घर के बुजुर्गों के अनुसार कि बच्चों की देखभाल सिर्फ माँ ही कर पाती है तो मैंने यह अपना विचार बदल दिया और मैंने अपने बच्चों की परवरिश की। तो फिर मुझे बाद में लगा कि हाँ मैं ठीक किया।

AuthorsWiki : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : हिंदी हमारी मातृभाषा है और हिंदी का हमें बजट का प्रयोग करना चाहिए और प्रचार प्रसार करना चाहिए। साहित्य के उत्थान के लिए हमें साहित्य जगत से जुड़े रहना चाहिए। पाठक भी बने रहना चाहिए और लेखक भी बने रहना चाहिए। समाज से जुड़ी रचनाएं या धर्म से जुड़ी रचनाएं या फिर जो भी हमारे देश में आपदा आती है।या समस्याएं आती हैं उन सब को उजागर करना चाहिए।

AuthorsWiki : साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : समाज सेवा मेरा शौक है। समर्थ के अनुसार जितना कर सकती हूँ प्रयास करती हूँ ।

AuthorsWiki : क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : ‘जीना इसी का नाम है’ पुस्तक जो प्रकाशित कराई मैं उसको एकल भी करा सकती थी।लेकिन मैंने साझा में ठीक समझा और आगे भी में प्रयास करूंगी कि पुस्तक प्रकाशित हो।

AuthorsWiki : साहित्य की दुनिया में नये-नये लेखक आ रहे है, उन्हें आप क्या सलाह देगें?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : मैं उनके लिए यही कहना चाहूंगी कि भी ऐसा लिखें कि हमारी मानवीयता कभी मर ना पाए और सभी को उसका लाभ हो।

AuthorsWiki : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : जी प्रयास रहेगा।

AuthorsWiki : यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?

Ritu Sharma ‘Pathak’ : सभी को धन्यवाद देना चाहती हूँ और सन्देश यही है कि भाईचारा और मानवीयता हमेशा रहे।

लेखक की पुस्तक कैसे प्राप्त करें-

आप लेखक की पुस्तक को अमेजन से खरीद सकते हैं।

यदि आप लेखक की किताब को पढ़ चुकें हैं तो अपनी प्रतिक्रिया या विचारों को कमेंट करके जरूर शेयर करें।

Follow on WhatsApp : Subscribe to our official WhatsApp channel to receive alerts whenever new posts are published on AuthorsWiki. Please note, we only share content on WhatsApp channel that is highly relevant and beneficial to authors, ensuring you stay updated with valuable insights, tips, and resources.   Follow on WhatsApp


Copyright Notice © Re-publishing of this exclusive post, including but not limited to articles, author interviews, book reviews, and exclusive news published on AuthorsWiki.com, in whole or in part, on any social media platform, newspaper, literary magazine, news website, or blog, is strictly prohibited without prior written permission from AuthorsWiki. This content has been created and curated exclusively for AuthorsWiki by our editorial team, or the writer or verified contributors of the article and is protected under applicable copyright laws. To learn more about how this content is protected, please read our full Copyright Policy.

LEAVE A REPLY

Thanks for choosing to leave a comment. Please keep in mind that all comments are moderated according to our comment policy, and your email address will not be published. Please do not use keywords in the name field. Let us have a meaningful conversation.

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!