
AuthorsWiki को साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय देने के लिए उषा व्यास जी का धन्यवाद करते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि उषा व्यास जी का एक काव्य संग्रह ‘उदित्यांजली’ पिछले दिनों ही प्रकाशित हुआ है और आपकी कई साझा संकलनों में सहभागिता भी रह चुकी है। पेशे से एक शिक्षिका उषा व्यास जी ने AuthorsWiki को साक्षात्कार के दौरान पुस्तक प्रकाशन के अनुभव को शेयर किया। आशा करते हैं कि पाठकों को उषा व्यास जी का साक्षात्कार पसंद आएगा। साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश आपके लिए प्रस्तुत हैं-
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे मे ज्यादा जान पायेंगे?
Usha Vyas : मैं उषा व्यास शिक्षिका दमोह मध्य प्रदेश से हूं। मेरे पति एक प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत है। दो बेटे हैं, दोनों ही इंजिनियर हैं।
AuthorsWiki : आपकी पुस्तक ‘उदित्यांजली’ पिछले दिनों ही प्रकाशित हुई है, उसके बारे में जानकारी दे, ताकि पाठक आपकी किताब के बारे में ज्यादा जान सकें?
Usha Vyas : ‘उदित्यांजली’ मेरी पहली पुस्तक है जो कि एक काव्य संग्रह है। जिम्मेदारी पूर्वक अपने भावात्मक रूप से लिखी है। यह काव्य संग्रह मेरी उन मनोभावों के रूप में ही है जो मैं महसूस करती हूं या जो मैं हूं, और समाज में फैली नकारात्मकता को खत्म कर समाज सकारात्मक परिवर्तन की ओर जाये और बैर, ईर्ष्या द्वेष, नफरत की जगह प्रेम, करूणा, अपनापन भाईचारे की भावनाओं की उत्पत्ति हो ऐसा ही संदेश मेरी रचनाओं में है।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, पुस्तक प्रकाशित कराने का विचार कैसे बना या किसी ने प्रेरणा दी?
Usha Vyas : मेरे भीतर तो एक कवि हृदय बचपन से ही था, जो यदा-कदा व्यक्त होता रहा लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों में राज्य आनंद संस्थान, आईओआई सी, यूएचवी जैसी सकारात्मक परिवर्तन की सोच रखने वाली संस्थाओं से जुड़ी जो खुद से खुद को जोड़ने एवं देखने की दिशा प्रदान करती है। जिसमें हम आनंदित और प्रसन्न रहते हुए समाज को भी आनंदित और स्थाई खुशी दे सकें। ये संस्थाएं ऐसे परिवर्तन की पहल कर रही है, जिससे एक खूबसूरत समाज का निर्माण हो सके, इन्हीं से जुड़कर मेरे जीवन में बहुत सकारात्मक परिवर्तन आया, जिससे प्रेरित होकर मैंने अपनी सुन्दर भावों कविता के द्वारा व्यक्त किया है।
AuthorsWiki : पुस्तक के लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें?
Usha Vyas : तनिशा पब्लिशर्स, (प्राची डिजिटल पब्लिकेशन का एक उपक्रम) से मेरी रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन तक का मेरा अनुभव शानदार रहा। उन्होंने मुझे पूर्ण अवसर दिया, पर्याप्त समय दिया, मेरे हर सुझाव को माना और विश्वास को बनाए रखा है, मुझे नहीं लगता उनसे अधिक विश्वसनीय कोई और हो सकता है। मैं प्रकाशन की बहुत ही आभारी हूं।
AuthorsWiki : आपकी पहली सृजित रचना कौन-सी है और साहित्य जगत में आगमन कैसे हुआ, इसके बारे में बताएं?
Usha Vyas : मेरी पहली सृजित रचनाएं एक मुलाकात स्वयं से है। इसकी प्रेरणा राज्य आनंद संस्थान से मिली, जब मैंने अल्पविराम लेना शुरू किया। खुद से खुद को जोड़ कर देखा।
AuthorsWiki : अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकवर्ग, मित्रमंडली एवं पारिवारिक सदस्यों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त हुई?
Usha Vyas : अभी तक मेरी रचनाएं जिन्होंने भी पढ़ी हरेक रचना लोगों को पसंद आ रही हैं।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, किताब लिखने या साहित्य सृजन के दौरान आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है?
Usha Vyas : मेरे सभी मित्रों का, सभी साथियों जैसे मेरे कार्य क्षेत्र में, परिवार में पति और बहनों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, साहित्य जगत से अब तक आपको कितनी उपलब्धियाँ / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं? क्या उनकी जानकारी देना चाहेंगें?
Usha Vyas : साहित्य में जो भी मैंने सृजन किया है, उन्हें पाठको द्वारा अधिक पठन किया जाता है तो यही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है,जो संदेश मेरी रचनाओं में है वह समाज में देख सकूं, इससे बड़ा सम्मान हो ही नहीं सकता।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करतें है? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?
Usha Vyas : काव्यात्मक अभिव्यक्ति ही मेरी विधा है, यही मुझे आसान लगती है।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, आप साहित्य सृजन के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते हैं?
Usha Vyas : जी, चूंकि मैं एक शिक्षिका भी हूं और गृहणी भी, तो इन दा दायित्व का निर्वहन करते हुए समय का प्रबंधन करना मुश्किल होता है, लेकिन मैं एक या दो घंटे का समय अवश्य निकाल पाती हूं और सृजन कर पाती हूं। देर रात्रि में एकांत में लिखती हूं।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, आप अपनी रचनाओं के लिए प्रेरणा कहां से प्राप्त करते है?
Usha Vyas : राज्य आनंद संस्थान और आई. ओ. आई. सी. में एक प्रेरक वक्ता के रूप में मेरी भूमिका है इसलिए यहीं से मुझे प्रेरणा मिलती रहती है।
AuthorsWiki : आपके जीवन में प्राप्त विशेष उपलब्धि या यादगार घटना, जिसे आप हमारे पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहते हैं?
Usha Vyas : विशेष उपलब्धि यही है, जो मैंने सोचा वह मिला। अब तक के जीवन में किसी चीज की कमी नहीं थी, लेकिन कुछ परिवार में जो हमें छोड़ कर चले गए, उनके जाने से अवसादग्रस्त थी लेकिन मैंने स्वयं को उबारा एक सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ी, जो कवियत्री के रूप में आपके समक्ष हूं।
AuthorsWiki : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना पसंद करते हैं?
Usha Vyas : मुझे जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत निराला महादेवी वर्मा, इत्यादि कवि/लेखक बहुत प्रभावित करते हैं, यही मेरे आइडियल हैं।
AuthorsWiki : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
Usha Vyas : आज वर्तमान में हिन्दी साहित्य के प्रति लोगों की रुचि घट रही है। हिन्दी साहित्य के प्रति जागरण की आवश्यकता है। उसके प्रचार-प्रसार होना अति आवश्यक है ताकि हमारी हिंदी सशक्त भाषाओं और नई पीढ़ी हमारे साहित्य पर गर्व करें, इसलिए ऐसा सृजन होते रहना चाहिए, जो भावी पीढ़ी में पठन पाठन के प्रति रुचि जागृत हो।
AuthorsWiki : साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
Usha Vyas : सृजन के अलावा मुझे संगीत का बैडमिंटन, भजन सुनना एवं घर के कार्य करना, नई जानकारी प्राप्त करना, घूमना इत्यादि मेरे शौक है।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
Usha Vyas : अभी ऐसा नहीं सोचा लेकिन संभावना अवश्य है।
AuthorsWiki : साहित्य की दुनिया में नये-नये लेखक आ रहे है, उन्हें आप क्या सलाह देगें?
Usha Vyas : यह अच्छी बात है साहित्य का विकास हो और भावी पीढ़ी में रूचि जागृत हो, लेकिन उन सभी से यही कहना चाहूंगी कि वह जो भी लिखें गहराई से लिखें पर्याप्त अध्ययन के साथ लिखें और ऐसा लिखें जिससे सभी को प्रेरणा मिले। शुभकामनाएं उन सभी के लिए।
AuthorsWiki : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?
Usha Vyas : जी, मैं भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बनी रहना चाहूंगी और अच्छे से अच्छा प्रयास करती रहूंगी। जिससे साहित्य में एक स्थान बना पाऊं और साहित्य को विकास की दिशा में ले जाने में अपना भी सहयोग दे पाऊं।
AuthorsWiki : उषा व्यास जी, यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?
Usha Vyas : हम अपने सभी अजीज और शुभचिंतक एवं पाठकों से यही कहना चाहती हूं कि आप सभी हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि जागृत करें और जन जन को इस दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे एवं हमारा काव्य संग्रह उदित्यांजली को अवश्य प्यार दे और पठन करें आगे भी हम आपका मार्गदर्शन और प्यार प्राप्त करना चाहते हैं।
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